आरंग की गिरिजा इंडेन गैस एजेंसी सील, 20 हजार उपभोक्ताओं पर गैस संकट के बादल
DAC लेकर पर्ची देने के आरोपों से बढ़ी चिंता, वैकल्पिक व्यवस्था की मांग तेज

आरंग। आरंग स्थित गिरिजा इंडेन गैस एजेंसी को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) के अधिकारियों द्वारा प्रशासनिक कार्रवाई के तहत सील कर दिया गया है। एजेंसी के संचालन को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों और कथित अनियमितताओं के बाद हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र के लगभग 20 हजार एलपीजी उपभोक्ताओं के सामने घरेलू गैस की उपलब्धता को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। एजेंसी सील होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कब और कैसे की जाएगी। बड़ी संख्या में उपभोक्ता अब गैस आपूर्ति को लेकर असमंजस और चिंता में हैं। इधर, कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि पिछले कुछ दिनों से एजेंसी के कर्मचारी उन्हें फोन कर या कार्यालय बुलाकर डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) प्राप्त कर रहे थे। इसके बदले उन्हें एक पर्ची देकर भरोसा दिलाया गया कि इसी के आधार पर गैस सिलेंडर की आपूर्ति कर दी जाएगी। हालांकि, शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उनसे DAC लेने के बावजूद अब तक सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की गई। एजेंसी सील होने के बाद ऐसे उपभोक्ताओं की चिंता और बढ़ गई है। यदि किसी उपभोक्ता के नाम पर सिस्टम में सिलेंडर की डिलीवरी दर्ज हो चुकी है, लेकिन वास्तविक रूप से उसे सिलेंडर प्राप्त नहीं हुआ है, तो ऐसे मामलों का समाधान कैसे होगा, यह बड़ा प्रश्न बन गया है। इस पूरे मामले को लेकर उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी है और कुछ लोगों ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराने की मांग भी उठाई है। गौरतलब है कि गिरिजा इंडेन गैस एजेंसी को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें पहले भी समय-समय पर सामने आती रही हैं। ऐसे में एजेंसी को सील करने की कार्रवाई के साथ-साथ प्रभावित उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा और गैस वितरण की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करना भी आवश्यक माना जा रहा है। अब उपभोक्ताओं ने प्रशासन और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन से मांग की है कि जिन लोगों से DAC लेकर केवल पर्ची दी गई और गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हुई, उनके मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए। साथ ही क्षेत्र के लगभग 20 हजार उपभोक्ताओं को बिना किसी व्यवधान के गैस उपलब्ध कराने के लिए तत्काल वैकल्पिक वितरण व्यवस्था लागू की जाए।



