सभी ख़बरें
सामान्य📍 सुकमा

कलेक्टर, एसपी, सीईओ और डीएफओ का संयुक्त दौरा

जमीन पर बैठकर बुनी उम्मीदों की नई राह, कोंटा विकासखंड के सुदूर इलाकों में पहुंचा प्रशासनिक अमला युवाओं की मांग पर खेल ग्राउण्ड और बच्चों के लिए बाउंड्रीवाल की तत्काल स्वीकृति

B
BASANT SACHDEV
वरिष्ठ संवाददाता
43 दिन पहले 196 मिनट पढ़ें
कलेक्टर, एसपी, सीईओ और डीएफओ का संयुक्त दौरा

सुकमा/ कभी डर, आशंकाओं और माओवादी फरमानों के साये में जीने को मजबूर सुकमा जिले के सुदूर गांव आज विकास और भरोसे की एक नई सुबह के साक्षी बन रहे हैं। शुक्रवार को जब कलेक्टर श्री अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक श्री मयंक गुर्जर ऊबड़-खाबड़ और कीचड़ से भरे रास्तों की परवाह किए बिना जिले के अंतिम छोर पर बसे गांवों में पहुंचे, तो वहां का नजारा बेहद भावुक और अभूतपूर्व था। बिना किसी शासकीय तामझाम के, इमली के विशाल पेड़ की छांव में चटाई पर बैठकर अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस सादगी और अपनत्व ने दशकों से उपेक्षित महसूस कर रहे आदिवासियों के दिलों में एक नया विश्वास जगा दिया। चिंतागुफा, रामाराम और वीराभट्ठी जैसी दूरस्थ पंचायतों में आयोजित इस अनूठी 'चौपाल' में कलेक्टर ने ग्रामीणों के साथ किसी अपने की तरह समय बिताया। बच्चों की शिक्षा से लेकर रसोई के राशन और तेंदूपत्ता बिक्री के पाई-पाई के हिसाब की जानकारी ली। ग्रामीणों की आंखों में आंखें डालकर जब कलेक्टर ने कहा कि "बच्चे आपके हैं, पर उनकी पढ़ाई का सारा खर्च सरकार का है," तो वहां मौजूद हर माता-पिता का चेहरा खिल उठा। बिना किसी बिचौलिए के सीधे बैंक खाते में आ रही शासकीय राशि की व्यवस्था समझाते हुए प्रशासन ने ग्रामीणों को मुख्यधारा और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की एक मजबूत नींव रखी। रामाराम के एक प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान का दृश्य बेहद खास और मानवीय संवेदनाओं से भरा था। जब जिले का सबसे बड़ा प्रशासनिक अधिकारी खुद बच्चों के साथ बैठकर उनसे गिनती और अल्फाबेट सुनने लगा, तो बच्चों की मासूम मुस्कान ने पूरे माहौल को जीवंत कर दिया। बच्चों के सटीक जवाबों ने न सिर्फ कलेक्टर का दिल जीता, बल्कि यह भी साबित किया कि सुविधाओं के अभाव में भी इन दूरदराज के इलाकों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। इस दौरान ग्रामीणों की स्थानीय मजदूरी की मांग को समझते हुए वीबी जी रामजी योजना के तहत 300 रूपये की मजदूरी का भरोसा दिया गया, ताकि रोजी-रोटी के लिए किसी को आंध्र प्रदेश न पलायन करना पड़े। युवाओं की मांग पर वीराभट्ठी में तत्काल खेल मैदान की स्वीकृति, स्कूल परिसरों की बाउंड्रीवाल, सीसी रोड, बिजली और बोर खनन के निर्देशों ने ग्रामीणों को यह अहसास कराया कि उनकी समस्याओं को सिर्फ सुना ही नहीं जा रहा, बल्कि तुरंत हल भी किया जा रहा है। वनाधिकार पट्टे, आधार कार्ड और महतारी वंदन योजना जैसी बुनियादी सुविधाओं से एक-एक ग्रामीण को जोड़ने का संकल्प लेकर प्रशासन ने सरकार की मंशा को धरातल पर चरितार्थ किया है। समस्याओं के त्वरित निवारण की इस शैली ने लालफीताशाही की पुरानी छवि को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। मौके पर ‘नियद दुवड़ ते’ अभियान के अंतर्गत प्रचार प्रसार किया गया। यह दौरा केवल एक प्रशासनिक निरीक्षण भर नहीं था, बल्कि यह विकास, विश्वास और सुरक्षा का एक ऐसा त्रिवेणी संगम था, जो बस्तर के इस दूरस्थ अंचल की बदलती तस्वीर को बयां करता है। जिन चौपालों में कभी खौफ का सन्नाटा पसरा रहता था, आज वहां खुलकर अपनी बात रखते ग्रामीणों और चटाई पर बैठकर मुस्कुराते अधिकारियों का यह दृश्य एक नए सुकमा के उदय का शंखनाद है। प्रशासन का यह कदम यह साबित करता है कि जब नीयत साफ हो और पहुंच जमीन तक हो, तो दुर्गम से दुर्गम राहें भी सुगम हो जाती हैं।

क्या आपको यह ख़बर पसंद आई?

और पढ़ें

जानलेवा गड्ढायुक्त सड़कें बनी भाजपा सरकार की पहचान -कांग्रेस* मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा
राजनीति रायपुर

जानलेवा गड्ढायुक्त सड़कें बनी भाजपा सरकार की पहचान -कांग्रेस* मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा

ADB द्वारा स्वीकृत सड़क परियोजनाओं का बजट किसके दबाव में रोका गया है?

BASANT SACHDEV
5 मिनट9
व्याख्याता मदनलाल तोमर स्व.श्री हरिवंश मिश्र राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित
सामान्य

व्याख्याता मदनलाल तोमर स्व.श्री हरिवंश मिश्र राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित

व्याख्याता मदनलाल तोमर स्व.श्री हरिवंश मिश्र राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित

BASANT SACHDEV
9 मिनट6
सामाजिक समरसता ही कांग्रेस की आत्मा और देश की प्रगति का आधार : डॉ. शिवकुमार डहरिया
सामान्य रायपुर

सामाजिक समरसता ही कांग्रेस की आत्मा और देश की प्रगति का आधार : डॉ. शिवकुमार डहरिया

रायपुर संभाग स्तरीय प्रशिक्षण शिविर में पूर्व मंत्री डॉ. डहरिया ने सामाजिक न्याय और कांग्रेस की विचारधारा को बूथ स्तर तक पहुंचाने का किया आह्वान

BASANT SACHDEV
7 मिनट7