गंगरेल बांध, 89 प्रतिशत हुआ जल भराव छलकने के कगार पर
जिले के अन्य बांधो मुरुमसिल्ली में 93, दुधावा में 76, सोंढुर में 74 प्रतिशत हुआ जल भराव

। प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े बांध गंगरेल में जल भराव की स्थिति अच्छी हो चुकी है। बांध में 89 प्रतिशत उपयोगी जल भराव हो चुका है। ऐसे में यदि बांध में पानी की आवक बढ़ी तो बांध के गेट खोले जा सकते है। बता दे कि गंगरेल बांध की कुल जल संग्रहण क्षमता 32.150 टीएमसी है। वर्तमान में बांध में 28.917 टीएमसी जल भराव हो चुका है। जिसमें उपयोगी जल भराव 23.846 टीएमसी है। इस प्रकार 89 प्रतिशत उपयोगी जल भराव हो चुका है। वर्तमान में बांध में पानी की आवक शून्य है। लेकिन जिस प्रकार मानसून सक्रिय है बांध में आवक बढऩे से बांध खतरे के निशान को छू सकता है। इसके पहले ही बांध के गेट को खोला जा सकता है। इस नजारे का दीदार करने का पर्यटकों बेसब्री से इंतजार है। बता दे कि बांध का कुल जल संग्रहण वाटर लेवल 348.70 है। वर्तमान में बांध का जल स्तर 347.74 मीटर तक पहुंच चुका है। इसी प्रकार जिले के अन्य बांधो जिसमें मुरुमसिल्ली बांध 5.839 टीएमसी जल भराव क्षमता है। जिसके विपरीत 5.463 टीएमसी जल भराव है। जिसमें उपयोगी जल भराव 5.342 टीएमसी है। दुधावा बांध में 10.192 टीएमसी जल भराव क्षमता है। जिसके विपरीत 7.801 टीएमसी जल भराव है। जिसमें उपयोगी जल भराव 7.641 टीएमसी है। इसी प्रकार सोंढुर बांध 6.995 टीएमसी जल भराव क्षमता है। जिसके विपरीत 5.369 टीएमसी जल भराव है। जिसमें उपयोगी जल भराव 4.716 टीएमसी है। इस प्रकार जिले के बांधो मुरुमसिल्ली में 93, दुधावा में 76, सोंढुर में 74 प्रतिशत जल भराव हो चुका है। जिले के चारो बांधो में कुल 55.176 टीएमसी जल भराव क्षमता है। जिसमें कुल 47.55 टीएमसी जल भराव हो चुका है। जिसमें उपयोगी जल भराव कुल 41.545 टीएमसी है। बता दे कि गंगरेल बांध के लबालब होने से बांध के खूबसूरती में चार चांद लग रहा है। उपर से खुशनुमा मौसम और इतवारी छुट्टी से आज बांध का पर्यटन गुलजार रहा। बडी संख्या में पर्यटक मां अंगारमोती के दर्शन करने पहुंचे साथ ही बांध क्षेत्र में मिनी गोवा व बोटिंग स्थल का लुत्फ उठाया। धमतरी सहित कई जिलो के लोग परिवार सहित पिकनिक मनाने आज गंगरेल पहुंचे।



