सभी ख़बरें
कृषि

फसल चक्र अपनाकर सोयाबीन की खेती की ओर बढ़े किसान गोकुल वर्मा

- प्रति एकड़ 15 हजार रूपए आदान सहायता से मिला प्रोत्साहन

B
BASANT SACHDEV
वरिष्ठ संवाददाता
69 दिन पहले 265 मिनट पढ़ें
फसल चक्र अपनाकर सोयाबीन की खेती की ओर बढ़े किसान गोकुल वर्मा

राजनांदगांव 13 जुलाई 2026। राज्य शासन द्वारा किसानों को फसल चक्र अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत धान के स्थान पर दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रूपए की आदान सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना से प्रेरित होकर राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम रीवागहन (घुमका) के किसान श्री गोकुल वर्मा ने इस वर्ष अपने खेत में सोयाबीन की खेती शुरू की है। लगभग 9 एकड़ कृषि भूमि के स्वामी श्री गोकुल वर्मा पहले मुख्य रूप से धान की खेती करते थे। इस वर्ष उन्होंने ढाई एकड़ क्षेत्र में सोयाबीन की बुआई की है। किसान श्री गोकुल वर्मा ने बताया कि उनके खेत के कुछ हिस्सों में अल्प वर्षा एवं अन्य कारणों से धान की फसल को नुकसान पहुंचा था। पिछले वर्ष करीब 4 एकड़ धान की फसल खराब हो गई थी। ऐसे में कृषि विभाग के अधिकारियों ने उन्हें फसल चक्र अपनाने और सोयाबीन की खेती करने की सलाह दी। किसान श्री वर्मा ने बताया कि उन्हें कृषि विभाग के अधिकारियों से योजना की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने शासन की फसल चक्र प्रोत्साहन योजना का लाभ लेने का निर्णय लिया। उन्हें सोयाबीन का बीज भी कृषि विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराया गया, जिससे उन्हें खेती शुरू करने में सुविधा मिली। उन्होंने बताया कि सोयाबीन की खेती वाले खेत में पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था की गई है, जिससे अधिक वर्षा होने पर भी फसल को नुकसान की संभावना नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण से खेती अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनेगी। किसान श्री वर्मा ने बताया कि खरीफ के बाद वे रबी मौसम में लगभग 4 से 5 एकड़ क्षेत्र में चना की खेती करते हैं। इस वर्ष कुछ क्षेत्र में सरसों की खेती करने की भी योजना है। उन्होंने कहा कि एक ही फसल पर निर्भर रहने के बजाय फसल चक्र अपनाने से जोखिम कम होता है और आय के नए अवसर प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा प्रति एकड़ 15 हजार रूपए की आदान सहायता किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन है। जिन किसानों के खेतों में धान की खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं हैं, उन्हें भी फसल चक्र अपनाकर सोयाबीन जैसी वैकल्पिक फसलों की खेती करनी चाहिए और शासन की योजना का अधिक से अधिक लाभ लेना चाहिए। राज्य सरकार की इस किसान हितैषी पहल की सराहना करते हुए किसान श्री गोकुल वर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह योजना किसानों को खेती में नवाचार अपनाने तथा उनकी आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी।

क्या आपको यह ख़बर पसंद आई?

और पढ़ें

जानलेवा गड्ढायुक्त सड़कें बनी भाजपा सरकार की पहचान -कांग्रेस* मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा
राजनीति रायपुर

जानलेवा गड्ढायुक्त सड़कें बनी भाजपा सरकार की पहचान -कांग्रेस* मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा

ADB द्वारा स्वीकृत सड़क परियोजनाओं का बजट किसके दबाव में रोका गया है?

BASANT SACHDEV
5 मिनट9
व्याख्याता मदनलाल तोमर स्व.श्री हरिवंश मिश्र राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित
सामान्य

व्याख्याता मदनलाल तोमर स्व.श्री हरिवंश मिश्र राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित

व्याख्याता मदनलाल तोमर स्व.श्री हरिवंश मिश्र राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित

BASANT SACHDEV
9 मिनट6
सामाजिक समरसता ही कांग्रेस की आत्मा और देश की प्रगति का आधार : डॉ. शिवकुमार डहरिया
सामान्य रायपुर

सामाजिक समरसता ही कांग्रेस की आत्मा और देश की प्रगति का आधार : डॉ. शिवकुमार डहरिया

रायपुर संभाग स्तरीय प्रशिक्षण शिविर में पूर्व मंत्री डॉ. डहरिया ने सामाजिक न्याय और कांग्रेस की विचारधारा को बूथ स्तर तक पहुंचाने का किया आह्वान

BASANT SACHDEV
7 मिनट7