बड़ेपल्ली और बेंगपाल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव
नवप्रवेशी बच्चों का तिलक, पुष्पवर्षा और मिठाई खिलाकर स्वागत; निःशुल्क पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश वितरित, पालकों की रही उत्साहपूर्ण सहभागिता।

प्राथमिक शाला बड़ेपल्ली एवं बेंगपाल में शाला प्रवेश उत्सव हर्षोल्लास के साथ संपन्न* दंतेवाड़ा।विकासखंड कुआकोंडा के सुदूर एवं दुर्गम अंचल में स्थित प्राथमिक शाला बड़ेपल्ली एवं प्राथमिक शाला बेंगपाल में शुक्रवार शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन अत्यंत हर्ष एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।शासन की मंशा के अनुरूप इस वर्ष दूरस्थ अंचल की नव प्रारंभ एवं पहुंचविहीन संस्थाओं में विभागीय अधिकारियों द्वारा स्वयं पहुंचकर शाला प्रवेश उत्सव मनाने का निर्णय लिया गया हैं, इसी क्रम में यह आयोजन किया गया। कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी कुआकोंडा प्रमोद भदौरिया, सहायक खंड शिक्षा अधिकारी मनोज सिंह राठौर,विकासखंड मध्यान्ह भोजन प्रभारी संतु नाग एवं संबंधित संकुल केंद्र के संकुल समन्वयक की उपस्थिति रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यादायिनी मां सरस्वती के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ किया गया।तत्पश्चात अधिकारियों एवं शिक्षकों द्वारा कक्षा पहली में नव प्रवेशित नन्हे-मुन्ने बच्चों को रोली-अक्षत का तिलक लगाकर,मुंह मीठा कराकर एवं पुष्प वर्षा कर उनका शाला परिवार में आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।बच्चों के चेहरे पर पहले दिन की झिझक की जगह मुस्कान और उत्साह स्पष्ट दिखाई दे रहा था।इस अवसर पर समस्त नव प्रवेशी छात्र-छात्राओं को राज्य शासन द्वारा प्रदत्त निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें एवं दो जोड़ी गणवेश का वितरण अधिकारियों के कर-कमलों से किया गया। अधिकारियों ने बच्चों से बातचीत कर उन्हें नियमित शाला आने, मन लगाकर पढ़ने एवं बड़ा आदमी बनने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि इस दूरस्थ अंचल में भी पालकों की जबरदस्त सहभागिता देखने को मिली।बड़ी संख्या में उपस्थित माताओं एवं पालकों ने पूरे कार्यक्रम का आनंद लिया। शाला प्रबंधन समिति एवं ग्रामवासियों के सहयोग से सभी उपस्थित बच्चों, पालकों एवं अतिथियों के लिए न्योता भोज का भी आयोजन किया गया जिसमें सभी ने बड़े चाव से भोजन ग्रहण किया। स्वादिष्ट एवं गरम भोजन की व्यवस्था ने कार्यक्रम को और भी यादगार बना दिया।



