विवाह समारोह में नवदंपती को रामचरितमानस ग्रंथ भेंट, संस्कार और नशामुक्ति का दिया संदेश
विवाह समारोह में नवदंपती को रामचरितमानस ग्रंथ भेंट, संस्कार और नशामुक्ति का दिया संदेश

आरंग। राजा मोराध्वज आध्यात्मिक, धार्मिक एवं सामाजिक मानस संगठन आरंग ने समाज में सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों के संवर्धन की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए विवाह समारोह में नवदंपती को उपहार स्वरूप रामचरितमानस ग्रंथ भेंट किया। बुधवार को आषाढ़ कृष्ण पक्ष अष्टमी के अवसर पर राजा मोराध्वज मानस मंडली के व्याख्याकार अवध विश्वकर्मा की पुत्री के विवाह समारोह में संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने वर-वधू को रामचरितमानस भेंट कर उनके सुखद, सफल एवं खुशहाल दांपत्य जीवन की मंगलकामनाएं दीं। इस अवसर पर संगठन के सदस्यों ने नवदंपती को गृहस्थ जीवन में पारिवारिक एकता, सुख-शांति और संस्कारों की स्थापना के लिए प्रतिदिन रामचरितमानस के दस दोहों का पठन-पाठन करने तथा नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारी अशोक साहू, देवशरण साहू, मानस लोधी, संतोषलाल लोधी, हीरालाल साहू, ओंकार विश्वकर्मा, अवध विश्वकर्मा, लक्ष्मीनाथ साहू, विनोद गुप्ता(पूर्व शिक्षक ), सीताराम यादव, गेंदलाल धीवर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। इस दौरान संगठन ने संकल्प लिया कि भविष्य में विवाह, जन्मोत्सव, गृह प्रवेश सहित अन्य शुभ अवसरों पर भी रामचरितमानस ग्रंथ भेंट कर समाज में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों के प्रसार का कार्य निरंतर किया जाएगा। संगठन की इस पहल को जनमानस में भारतीय संस्कृति और संस्कारों को सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है।



